रेल मंत्रालय ने IRCON International Limited को Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) में मर्ज करने का औपचारिक प्रस्ताव रखा है। यह कदम रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े पैमाने पर एकीकरण लाएगा, जिससे एक मजबूत इकाई बनेगी। प्रस्ताव के बाद IRCON और RVNL के शेयरों में भारी उछाल देखा गया, जहां IRCON 12% तक चढ़ा। मर्जर से परियोजना निष्पादन क्षमता बढ़ेगी, लागत कम होगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत उपस्थिति बनेगी।
रेलवे कंपनियों के बड़े मर्जर की तैयारी: IRCON-RVNL विलय से शेयर बाजार में हलचल
रेलवे सेक्टर में सरकारी कंपनियों के एकीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। रेल मंत्रालय ने हाल ही में IRCON International Limited को Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) में विलय करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया है। यह प्रस्ताव रेलवे बोर्ड के ऑफिस मेमोरेंडम के माध्यम से सामने आया है और अब विभिन्न मंत्रालयों तथा कैबिनेट कमिटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) से मंजूरी का इंतजार है।
IRCON और RVNL दोनों ही रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रमुख खिलाड़ी हैं। IRCON मुख्य रूप से टर्नकी प्रोजेक्ट्स, रेलवे निर्माण, हाईवे, ब्रिज और इलेक्ट्रिकल वर्क्स में विशेषज्ञता रखता है, जबकि RVNL प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, सिग्नलिंग, ट्रैक्शन और बड़े रेलवे इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के निष्पादन में मजबूत है। दोनों कंपनियां नवरत्न स्टेटस वाली हैं और लिस्टेड हैं।
मर्जर के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
एकीकृत विशेषज्ञता : IRCON की टर्नकी क्षमता और RVNL की प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन स्ट्रेंथ से एक बड़ी इकाई बनेगी जो बड़े प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा कर सकेगी।
लागत बचत और दक्षता : डुप्लिकेट फंक्शन्स खत्म होने से ओवरहेड खर्च कम होगा, रिसोर्सेस बेहतर तरीके से इस्तेमाल होंगे।
ऑर्डर बुक मजबूती : दोनों की संयुक्त ऑर्डर बुक से रेवेन्यू विजिबिलिटी बढ़ेगी। IRCON की हालिया ऑर्डर बुक लगभग 23,865 करोड़ रुपये की है, जबकि RVNL के पास विविध पोर्टफोलियो है।
अंतरराष्ट्रीय विस्तार : मर्जर से कंपनी को ग्लोबल टेंडर्स में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी।
शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन : कैश रिच बैलेंस शीट से बेहतर रिटर्न ऑन इक्विटी संभव होगा।
प्रस्ताव के तुरंत बाद बाजार में तेजी देखी गई। IRCON के शेयर में 12% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि RVNL में 7% से अधिक का उछाल आया। IRCON का शेयर 133 रुपये के पिछले क्लोज से बढ़कर 147-150 रुपये के स्तर पर पहुंचा, जबकि RVNL 282 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था और ऊपर की ओर मूवमेंट दिखाया। अन्य रेलवे स्टॉक्स जैसे Titagarh Rail Systems और Jupiter Wagons में भी 15% तक की तेजी आई, क्योंकि निवेशक पूरे सेक्टर में कंसॉलिडेशन की उम्मीद कर रहे हैं।
यह मर्जर रेलवे में बड़े पैमाने पर कंसॉलिडेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पहले भी रेलवे PSUs में मर्जर की चर्चा होती रही है, लेकिन IRCON-RVNL का प्रस्ताव सबसे ठोस दिख रहा है। मर्जर प्रक्रिया पूरी होने में 9-12 महीने लग सकते हैं, जिसमें शेयर स्वैप रेशियो, वैल्यूएशन और रेगुलेटरी अप्रूवल शामिल होंगे।
IRCON के CMD पद के लिए निर्धारित इंटरव्यू भी मंत्रालय ने मर्जर के कारण कैंसल कर दिए हैं, जो इस प्रस्ताव की गंभीरता को दर्शाता है। PESB को प्रक्रिया स्थगित करने के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे का कैपिटल एक्सपेंडिचर पिछले वर्षों में तेजी से बढ़ा है। 2021-22 में 1.1 लाख करोड़ से बढ़कर 2025-26 में 2.6 लाख करोड़ पहुंच गया है। ऐसे में मर्जर से इंफ्रा प्रोजेक्ट्स की स्पीड और क्वालिटी में सुधार की उम्मीद है। Vande Bharat ट्रेन सेट्स, हाई-स्पीड रेल और अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स में इन कंपनियों की भूमिका बढ़ेगी।
निवेशकों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि मर्जर से वैल्यू अनलॉक होने की संभावना है। हालांकि, मंजूरी मिलने तक अनिश्चितता बनी रहेगी। सेक्टर में हालिया गिरावट के बाद यह उछाल राहत की खबर है।






