“2025 में भारत ने मोबाइल फोन उत्पादन में लगभग 30 करोड़ यूनिट्स का आंकड़ा छुआ, जिसमें से हर चार में से एक यूनिट निर्यात हुई। स्मार्टफोन निर्यात 30 अरब डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा, जो देश को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में महत्वपूर्ण कदम है। Apple जैसे ब्रांड्स की वजह से iPhone निर्यात में 75-76% हिस्सेदारी रही, जबकि कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 47 अरब डॉलर का रिकॉर्ड बना। PLI योजना ने इस क्रांति को गति दी, जिससे भारत चीन पर निर्भरता कम करने वाली कंपनियों का पसंदीदा विकल्प बन गया।”
चीन को टक्कर! मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में भारत का बड़ा रिकॉर्ड
भारत ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। 2025 में देश ने करीब 30 करोड़ मोबाइल फोन यूनिट्स का उत्पादन किया, जो वैश्विक स्तर पर भारत को दूसरे सबसे बड़े स्मार्टफोन उत्पादक के रूप में मजबूत करता है। इस उत्पादन का एक चौथाई हिस्सा यानी लगभग 7.5 करोड़ यूनिट्स विदेशों में निर्यात की गईं।
स्मार्टफोन निर्यात जनवरी से दिसंबर 2025 के दौरान 30 अरब डॉलर (करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये) के पार पहुंच गया। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 47% की वृद्धि दर्शाता है। कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 47 अरब डॉलर तक पहुंचा, जिसमें स्मार्टफोन का योगदान सबसे बड़ा रहा। इलेक्ट्रॉनिक्स अब भारत का तीसरा सबसे बड़ा निर्यात खंड बन चुका है।
PLI योजना की भूमिका और उत्पादन वृद्धि
सरकार की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना ने इस क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया। 2014-15 में जहां सिर्फ 2 मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स थीं, वहीं अब इनकी संख्या लगभग 300 हो गई है। मोबाइल फोन उत्पादन 0.18 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 5.5 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि निर्यात नगण्य से बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा।
देश में बिकने वाले 99.2% मोबाइल फोन अब ‘मेड इन इंडिया’ हैं। PLI के तहत निवेश 13,700 करोड़ रुपये से अधिक हुआ, जिससे उत्पादन 9.8 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा। FY26 के अंत तक मोबाइल उत्पादन 75 अरब डॉलर (करीब 6.5 लाख करोड़ रुपये) और निर्यात 30 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है।
Apple का योगदान: iPhone निर्यात में नया मुकाम
Apple ने भारत को अपनी वैश्विक सप्लाई चेन का प्रमुख हिस्सा बनाया। 2025 में भारत में असेंबल किए गए iPhone की संख्या 55 मिलियन (5.5 करोड़) तक पहुंची, जो पिछले वर्ष से 53% अधिक है। अब वैश्विक iPhone उत्पादन का करीब 25% भारत में होता है।
iPhone निर्यात 23 अरब डॉलर (कुछ अनुमानों में 22-23 अरब) रहा, जो कुल स्मार्टफोन निर्यात का 75-76% है। Apple ने भारत से कुल 50 अरब डॉलर से अधिक के iPhone निर्यात किए, जो PLI अवधि में सबसे बड़ा योगदान है। US बाजार में भारत से स्मार्टफोन निर्यात Q2 2025 में 44% तक पहुंचा, जबकि चीन का हिस्सा 25% रह गया। भारत ने US को स्मार्टफोन सप्लाई में चीन को पीछे छोड़ दिया।
चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति
वैश्विक कंपनियां China+1 रणनीति अपना रही हैं, जहां भारत प्रमुख विकल्प बन रहा है। US-चीन व्यापार तनाव और टैरिफ के कारण Apple समेत कई ब्रांड्स ने उत्पादन भारत में शिफ्ट किया। इससे भारत न सिर्फ चीन को टक्कर दे रहा है, बल्कि कुछ सेगमेंट में आगे निकल रहा है।
प्रमुख निर्यात बाजारों में US सबसे बड़ा है, जहां भारत से प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग बढ़ी। Samsung, Motorola जैसे ब्रांड्स भी भारत से निर्यात बढ़ा रहे हैं, लेकिन Apple का दबदबा सबसे ज्यादा है।
आंकड़ों में एक नजर
| पैरामीटर | 2014-15 | 2025 | वृद्धि |
|---|---|---|---|
| मोबाइल उत्पादन | 0.18 लाख करोड़ | 5.5 लाख करोड़ | 30 गुना+ |
| मोबाइल निर्यात | 0.01 लाख करोड़ | 2 लाख करोड़ | 200 गुना+ |
| मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स | 2 | ~300 | 150 गुना |
| स्मार्टफोन निर्यात (2025) | – | 30 अरब डॉलर | रिकॉर्ड |
| कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात | – | 47 अरब डॉलर | रिकॉर्ड |
| iPhone निर्यात (2025) | – | ~23 अरब डॉलर | प्रमुख योगदान |
यह उपलब्धि रोजगार सृजन, विदेशी मुद्रा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करती है। मोबाइल सेक्टर अब भारत की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बन चुका है।
Disclaimer: यह खबर विभिन्न उद्योग रिपोर्ट्स, सरकारी आंकड़ों और बाजार अनुमानों पर आधारित है। इसमें निवेश संबंधी कोई सलाह नहीं है।






