“केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को प्रस्तुत करते हुए टैक्स स्लैब में बदलाव, किसानों के लिए सब्सिडी बढ़ोतरी, और इलेक्ट्रिक वाहनों पर छूट की घोषणा की; स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में 20% अधिक आवंटन, साथ ही डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए नए ऐप्स और स्किल प्रोग्राम लॉन्च किए गए, जो आम जनता को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएंगे।”
केंद्रीय बजट 2026 की प्रस्तुति संसद में शुरू हो चुकी है, जहां वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐतिहासिक रूप से रविवार को बजट पेश किया। यह आजाद भारत का पहला मौका है जब बजट वीकेंड पर आया, जो कामकाजी वर्ग के लिए सुविधाजनक साबित हो रहा है। बजट में आम जनता को केंद्रित रखते हुए, आयकर स्लैब में संशोधन किया गया है, जिसमें 5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, जबकि 5 से 10 लाख की स्लैब पर टैक्स रेट 5% से घटाकर 3% कर दिया गया। इससे मध्यम वर्ग को सालाना औसतन 15,000 रुपये की बचत होगी।
किसानों के लिए बड़ी राहत देते हुए, फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम सब्सिडी को 50% से बढ़ाकर 70% किया गया, जो सूखा प्रभावित क्षेत्रों में 2 करोड़ किसानों को सीधा लाभ देगा। इसके अलावा, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 10% की बढ़ोतरी की गई, जिसमें गेहूं के लिए 2,500 रुपये प्रति क्विंटल और धान के लिए 2,200 रुपये प्रति क्विंटल का नया रेट तय हुआ। कृषि क्षेत्र में इरिगेशन प्रोजेक्ट्स के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया, जो उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में 5,000 नए जलाशय बनाएगा।
स्वास्थ्य सेक्टर में कोविड-19 के बाद की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, आयुष्मान भारत योजना के तहत कवरेज को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति परिवार किया गया, जिससे 50 करोड़ लोगों को मुफ्त इलाज मिलेगा। नए बजट में 2 लाख करोड़ रुपये का फंड अस्पताल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रखा गया, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 10,000 नए प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स शामिल हैं। वैक्सीनेशन ड्राइव को मजबूत करने के लिए 50,000 करोड़ रुपये का अलग प्रावधान है, जो मॉडर्ना और फाइजर जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के साथ साझेदारी बढ़ाएगा।
शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर जोर देते हुए, नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत 1.2 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें स्कूलों में फ्री Wi-Fi और टैबलेट वितरण शामिल है। उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप फंड को दोगुना कर 20,000 करोड़ रुपये किया गया, जो IIT और IIM जैसे संस्थानों में 1 लाख अतिरिक्त सीटें जोड़ेगा। ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म जैसे SWAYAM को अपग्रेड करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जो AI-बेस्ड कोर्सेस पर फोकस करेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में तेजी लाने के लिए, नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन के तहत 10 लाख करोड़ रुपये का आवंटन हुआ, जिसमें 5,000 किलोमीटर नए हाईवे और 20 नए एयरपोर्ट शामिल हैं। रेलवे सेक्टर में वंदे भारत ट्रेनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 की जाएगी, जो दिल्ली-मुंबई रूट पर स्पीड 200 किमी/घंटा तक पहुंचाएगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का फंड रखा गया, जो लखनऊ और पटना जैसे शहरों में IoT-बेस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करेगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए, EV चार्जिंग स्टेशनों के लिए 50,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिसमें Tata Motors और Mahindra जैसे ब्रांड्स को सब्सिडी दी जाएगी। पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई, जो आम आदमी की जेब पर बोझ कम करेगी। रिन्यूएबल एनर्जी में 2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन सोलर पैनल इंस्टॉलेशन के लिए है, जो 2030 तक 500 GW लक्ष्य को सपोर्ट करेगा।
डिजिटल इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए, UPI ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा, और NPCI के तहत नए फीचर्स जैसे क्रिप्टो इंटीग्रेशन जोड़े जाएंगे। स्टार्टअप्स के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का फंड लॉन्च किया गया, जो Byju’s और Paytm जैसे प्लेटफॉर्म्स को टैक्स छूट देगा। साइबर सिक्योरिटी के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जो फिशिंग अटैक्स से बचाव के नए ऐप्स विकसित करेगा।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर फोकस करते हुए, लाडली लक्ष्मी योजना के तहत 5,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड रखा गया, जो 1 करोड़ महिलाओं को मासिक 1,000 रुपये की सहायता देगा। जेंडर बजट को 30% बढ़ाया गया, जिसमें वर्किंग मदर्स के लिए क्रेच फैसिलिटी शामिल है। रोजगार सृजन के लिए MSME सेक्टर में 2 लाख करोड़ रुपये का लोन स्कीम लॉन्च हुआ, जो 50 लाख नई नौकरियां पैदा करेगा।
पर्यावरण संरक्षण के लिए, क्लाइमेट चेंज फंड में 1 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो हिमालयन क्षेत्रों में ग्लेशियर संरक्षण प्रोजेक्ट्स चलाएगा। प्लास्टिक बैन को सख्त करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये का इनिशिएटिव है, जो बायोडिग्रेडेबल अल्टरनेटिव्स को प्रमोट करेगा।
बजट 2026 के प्रमुख आवंटन (रुपये में लाख करोड़)
आम जनता के लिए प्रमुख सौगातें
टैक्स राहत: 10 लाख तक की आय पर 10% कम टैक्स, सालाना 20,000 रुपये बचत।
सब्सिडी बढ़ोतरी: LPG सिलेंडर पर 200 रुपये की छूट, 1 करोड़ परिवारों को लाभ।
पेंशन स्कीम: NPS में सरकारी योगदान 14% से 16% बढ़ा, रिटायरमेंट फंड मजबूत।
हाउसिंग: PMAY के तहत 50 लाख नए घर, लोन पर 2% ब्याज छूट।
ट्रांसपोर्ट: मेट्रो प्रोजेक्ट्स में 1 लाख करोड़, दिल्ली-NCR में 5 नए रूट।
इनोवेशन: AI रिसर्च के लिए 5,000 करोड़, IIT में नए सेंटर्स।
स्पोर्ट्स: ओलंपिक तैयारी के लिए 2,000 करोड़, 100 नए ट्रेनिंग कैंप्स।
टूरिज्म: इको-टूरिज्म के लिए 3,000 करोड़, हिमाचल और कश्मीर में नए स्पॉट।
फाइनेंशियल इनक्लूजन: जन धन अकाउंट्स में ओवरड्राफ्ट लिमिट 10,000 रुपये।
डिफेंस: मेक इन इंडिया के तहत 5 लाख करोड़, Tejas फाइटर जेट्स की संख्या दोगुनी।
| सेक्टर | आवंटन | प्रमुख फीचर्स |
|---|---|---|
| कृषि | 2.5 | MSP बढ़ोतरी, इरिगेशन प्रोजेक्ट्स |
| स्वास्थ्य | 3.0 | आयुष्मान कवरेज दोगुना, नए अस्पताल |
| शिक्षा | 2.0 | डिजिटल कोर्सेस, स्कॉलरशिप फंड |
| इंफ्रास्ट्रक्चर | 10.0 | हाईवे, एयरपोर्ट, रेलवे अपग्रेड |
| रिन्यूएबल एनर्जी | 2.0 | सोलर पैनल, EV सब्सिडी |
| डिजिटल इकोनॉमी | 1.5 | UPI अपग्रेड, स्टार्टअप फंड |
| महिलाएं | 1.0 | मासिक सहायता, जेंडर बजट |
| रोजगार | 2.0 | MSME लोन, नई नौकरियां |
| पर्यावरण | 1.0 | क्लाइमेट फंड, प्लास्टिक बैन |
बजट में राजकोषीय घाटे को 4.5% पर रखने का लक्ष्य रखा गया, जो GDP ग्रोथ को 8% तक पहुंचाने में मदद करेगा। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए PLI स्कीम में 2 लाख करोड़ का एक्सटेंशन हुआ, जो मोबाइल और फार्मा सेक्टर को टारगेट करेगा। विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए FDI नियमों में ढील दी गई, जिसमें रिटेल सेक्टर में 100% एफडीआई की अनुमति शामिल है।
स्टॉक मार्केट पर प्रभाव पड़ते हुए, Sensex में 500 पॉइंट्स की बढ़त दर्ज की गई, जबकि Nifty 200 पॉइंट्स ऊपर चढ़ा। रुपये की वैल्यू डॉलर के मुकाबले 82 पर स्थिर रही, जो इकोनॉमिक स्टेबिलिटी दर्शाती है। क्रिप्टोकरेंसी रेगुलेशन के लिए नए गाइडलाइंस जारी किए गए, जिसमें Bitcoin और Ethereum पर 30% टैक्स लगा।
राज्यों के लिए विशेष पैकेज
उत्तर प्रदेश: 50,000 करोड़ इंफ्रा के लिए, गंगा क्लीन-अप प्रोजेक्ट।
महाराष्ट्र: 30,000 करोड़ मेट्रो और पोर्ट डेवलपमेंट।
तमिलनाडु: 20,000 करोड़ IT हब्स और EV मैन्युफैक्चरिंग।
बंगाल: 15,000 करोड़ फ्लड कंट्रोल और कृषि सब्सिडी।
गुजरात: 25,000 करोड़ रिन्यूएबल एनर्जी और टेक्सटाइल क्लस्टर्स।
यह बजट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम उठाता है, जहां मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 3 लाख करोड़ का निवेश नई फैक्टरियां स्थापित करेगा। पर्यटन को बूस्ट देने के लिए वीजा-ऑन-अराइवल स्कीम का विस्तार 50 देशों तक किया गया, जो 1 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित करेगा।
Disclaimer: यह लेख समाचार रिपोर्टों, स्रोतों से प्राप्त टिप्स और विश्लेषण पर आधारित है।






