“अडानी पावर ने महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से 1600 MW का लंबी अवधि का पावर सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। यह 25 साल का PSA है, जो FY2030-31 से शुरू होगा। कंपनी ने सबसे कम बोली ₹5.30/kWh पर लगाई। यह अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल प्रोजेक्ट से सप्लाई होगी, जिससे कंपनी की लॉन्ग-टर्म रेवेन्यू विजिबिलिटी मजबूत होगी और निवेशकों में उत्साह बढ़ सकता है।”
अडानी पावर लिमिटेड ने महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से 1600 MW का महत्वपूर्ण थर्मल पावर सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। कंपनी को लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) मिल चुका है, जिसमें यह सबसे कम टैरिफ बोली लगाने वाली कंपनी बनी। बोली गई संयुक्त टैरिफ ₹5.30 प्रति kWh है, जो अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बिडिंग प्रक्रिया में जीत हासिल करने का प्रमाण है।
यह 25 वर्षीय पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) है, जिसके तहत पावर सप्लाई वित्तीय वर्ष 2030-31 से शुरू होगी। यह कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के आगामी अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट से पूरा किया जाएगा। अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल टेक्नोलॉजी अधिक कुशल होती है, जो कम कोयला खपत और कम उत्सर्जन के साथ ज्यादा बिजली उत्पादन सुनिश्चित करती है। इससे कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ेगी और लंबे समय तक स्थिर रेवेन्यू स्ट्रीम बनेगी।
अडानी पावर की कुल ऑपरेटिंग क्षमता वर्तमान में करीब 18 GW के आसपास है, जिसमें से 90% से अधिक लॉन्ग-टर्म और मीडियम-टर्म PPA से टाई-अप है। यह नया 1600 MW का ठेका कंपनी की लॉक्ड-इन क्षमता को और मजबूत करेगा। कंपनी ने हाल के वर्षों में कई बड़े PPA हासिल किए हैं, जैसे मध्य प्रदेश से 1600 MW (ग्रीनशू ऑप्शन सहित), बिहार से 2400 MW, असम से 3200 MW और अन्य राज्यों से कुल मिलाकर 12 GW से अधिक की क्षमता। इन सभी से कंपनी की कुल टारगेट क्षमता FY32 तक 41.87 GW तक पहुंचने की योजना है, जिसमें करीब 2 लाख करोड़ रुपये का कैपेक्स कमिटमेंट शामिल है।
यह ठेका भारत में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। देश में पीक डिमांड तेजी से बढ़ रही है और रिन्यूएबल एनर्जी के साथ बैसलोड पावर की जरूरत बनी हुई है। थर्मल पावर अभी भी ग्रिड स्थिरता के लिए जरूरी है, खासकर जब रिन्यूएबल्स की इंटरमिटेंसी को बैलेंस करना हो। MSEDCL जैसे बड़े डिस्कॉम के साथ 25 साल का लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट कंपनी को रेवेन्यू प्रेडिक्टेबिलिटी देता है और मार्केट वोलेटिलिटी से बचाव करता है।
शेयर बाजार के नजरिए से देखें तो यह खबर पॉजिटिव है। अडानी पावर के शेयर हाल के महीनों में मजबूत प्रदर्शन दिखा चुके हैं, लेकिन हालिया ट्रेडिंग में कुछ करेक्शन देखा गया। वर्तमान में शेयर प्राइस करीब 146-150 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है। इस नए कॉन्ट्रैक्ट से निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है, क्योंकि यह कंपनी की ग्रोथ स्टोरी को और मजबूत करता है। लॉन्ग-टर्म इनवेस्टर्स के लिए यह कैपेसिटी एक्सपैंशन और PPA टाई-अप का हिस्सा है, जो फ्यूचर कैश फ्लो को सपोर्ट करेगा। हालांकि, शेयर में तेजी कई फैक्टर्स पर निर्भर करेगी, जैसे मार्केट सेंटिमेंट, कमोडिटी प्राइस (कोयला), रेगुलेटरी अपडेट्स और कंपनी की एक्जीक्यूशन क्षमता।
कंपनी की बैलेंस शीट भी मजबूत हो रही है, जहां डेट लेवल्स कंट्रोल में हैं और क्रेडिट रेटिंग AA (स्टेबल) जैसी है। हाल के क्वार्टर में रेवेन्यू और EBITDA में ग्रोथ दिखी है, जो PPA टाई-अप से सपोर्टेड है। यह 1600 MW का ठेका कंपनी को महाराष्ट्र जैसे बड़े मार्केट में और गहराई देगा, जहां बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है।
कुल मिलाकर, यह डेवलपमेंट अडानी पावर की लीडिंग पोजिशन को और मजबूत करता है और लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन की दिशा में महत्वपूर्ण है। निवेशक इस खबर पर कंपनी के फ्यूचर प्रोजेक्ट्स और एक्जीक्यूशन पर नजर रखेंगे।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट और एनालिसिस आधारित है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। बाजार जोखिमों के अधीन है।






