कल 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में यूनियन बजट 2026-27 पेश करेंगी। यह उनका नौवां बजट होगा और रविवार को प्रस्तुत होने वाला पहला बजट है। आम आदमी के लिए आयकर राहत, किसानों के लिए कृषि वित्त और फसल बीमा मजबूती, हरित ऊर्जा में स्टोरेज-ग्रिड निवेश तथा कैपेक्स बढ़ोतरी की प्रमुख अपेक्षाएं हैं।
बजट 2026 लाइव अपडेट्स
कल सुबह 11 बजे लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2026-27 पेश करेंगी। यह बजट वैश्विक अनिश्चितताओं, महंगाई नियंत्रण और भारत की 7%+ विकास दर बनाए रखने की चुनौती के बीच आएगा। आर्थिक सर्वेक्षण में FY27 के लिए 6.8-7.2% विकास अनुमान के साथ सरकार राजकोषीय अनुशासन और विकास को संतुलित करने की कोशिश करेगी। बजट में आम जनता, किसान और हरित क्षेत्र पर विशेष फोकस रहने की संभावना है।
बजट कब और कहां देखें बजट भाषण सुबह 11 बजे शुरू होगा। संसद टीवी, दूरदर्शन, PIB यूट्यूब चैनल और प्रमुख न्यूज चैनलों पर लाइव प्रसारण होगा। वित्त मंत्रालय की वेबसाइट पर भी दस्तावेज उपलब्ध होंगे।
आम जनता के लिए प्रमुख अपेक्षाएं मध्यम वर्ग लंबे समय से आयकर स्लैब में बदलाव की मांग कर रहा है। संभावित उपाय:
नई टैक्स व्यवस्था में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर 75,000-1 लाख रुपये करना।
पुरानी व्यवस्था में HRA, होम लोन ब्याज छूट को और आकर्षक बनाना।
कैपिटल गेन टैक्स में राहत या लॉक-इन पीरियड समायोजन।
सैलरीड क्लास के लिए रिबेट सीमा बढ़ाना, ताकि 12-15 लाख तक की आय पर प्रभावी टैक्स कम हो। ये कदम उपभोग बढ़ाने और मध्यम वर्ग की बचत को प्रोत्साहन देंगे।
कृषि और किसानी क्षेत्र पर फोकस कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और बजट में इसकी मजबूती की उम्मीद है। प्रमुख अपेक्षाएं:
कृषि वित्त पहुंच बढ़ाने के लिए नए क्रेडिट गारंटी स्कीम या सब्सिडी वाले लोन।
तिलहन और दालों में आत्मनिर्भरता के लिए विशेष पैकेज, जिसमें बीज, सिंचाई और प्रोसेसिंग पर निवेश।
PM-KUSUM योजना का विस्तार, सोलर पंप और फसल अवशेष प्रबंधन पर अतिरिक्त फंड।
फसल बीमा कवरेज बढ़ाना और क्लेम सेटलमेंट को तेज करना।
MSP को और प्रभावी बनाने के लिए कानूनी गारंटी या बोनस पर चर्चा। ये उपाय किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को मजबूत करेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देंगे।
हरित ऊर्जा और रिन्यूएबल सेक्टर की उम्मीदें भारत 2030 तक 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य रखता है। बजट में इस दिशा में बड़े ऐलान संभावित:
बैटरी स्टोरेज और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष प्रावधान।
सोलर मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रिब्यूटेड एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी या टैक्स इंसेंटिव।
EV चार्जिंग इंफ्रा और बैटरी रिसाइक्लिंग पर फंड आवंटन।
ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को गति देने के लिए अतिरिक्त बजट।
MNRE के लिए आवंटन में 20-30% बढ़ोतरी की संभावना। ये कदम जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के साथ रोजगार सृजन और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाएंगे।
अन्य प्रमुख सेक्टर अपेक्षाएं
इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपेक्स : कैपिटल एक्सपेंडिचर में 10-15 लाख करोड़ तक का लक्ष्य, रेल, सड़क और एयरपोर्ट पर फोकस।
MSME : क्रेडिट गारंटी बढ़ाना, डिजिटलीकरण और एक्सपोर्ट इंसेंटिव।
GST रिफॉर्म : रिफंड प्रक्रिया तेज करना और रेट रेशनलाइजेशन।
डिफेंस : स्वदेशी उत्पादन और आधुनिकीकरण पर अतिरिक्त फंड।
हेल्थकेयर : जन औषधि केंद्रों का विस्तार और आयुष्मान भारत कवर बढ़ाना।
बजट में राजकोषीय घाटा 4.5-5% के बीच रखने का प्रयास होगा। वैश्विक चुनौतियों के बीच यह बजट विकास, रोजगार और स्थिरता का संतुलन बनाने की कोशिश करेगा। कल के ऐलानों पर सभी की नजरें टिकी हैं।
Disclaimer: यह रिपोर्ट विभिन्न विशेषज्ञों की अपेक्षाओं और उपलब्ध आर्थिक संकेतों पर आधारित है। वास्तविक बजट प्रावधान अलग हो सकते हैं।






