“केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए 8वीं वेतन आयोग की सिफारिशें 2026 से लागू होने की उम्मीद, लेकिन फिटमेंट फैक्टर पर विवाद जारी; NCJCM ने 3.25 फिटमेंट और 5% वार्षिक इंक्रीमेंट की मांग की, जबकि सरकार 2.15 से 2.86 के बीच विचार कर रही; सैलरी में 15-44% तक की बढ़ोतरी संभव, DA 60% तक पहुंच सकता है; रिपोर्ट 15-18 महीनों में आने की संभावना, एरियर के साथ भुगतान।”
केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारकों की नजरें 8वीं वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं, जहां सैलरी संरचना में बड़े बदलाव की उम्मीद है। आयोग की अध्यक्षता रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं, और इसकी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपी जाने वाली हैं। आयोग का गठन 2025 में हुआ था, और यह 7वीं वेतन आयोग की जगह लेगा, जो 2016 से लागू था। मुख्य फोकस सैलरी, भत्ते और पेंशन में संशोधन पर है, लेकिन फिटमेंट फैक्टर को लेकर कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच तीखी बहस चल रही है।
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है जो मौजूदा बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदलता है। 7वीं वेतन आयोग में यह 2.57 था, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 7000 रुपये से बढ़कर 18000 रुपये हो गई। अब 8वीं आयोग में कर्मचारी संगठन जैसे NCJCM (National Council of Joint Consultative Machinery) 3.25 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं, जो सैलरी में 44% तक की बढ़ोतरी ला सकता है। लेकिन सरकार की तरफ से 2.15 से 2.86 के बीच के विकल्पों पर विचार हो रहा है, जिससे बढ़ोतरी 15-30% तक सीमित रह सकती है।
फिटमेंट फैक्टर पर घमासान की वजहें
कर्मचारियों की मांग: NCJCM ने फिटमेंट फैक्टर 3.25 और वार्षिक इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 5% करने की मांग की है। उनका तर्क है कि महंगाई दर (Inflation) और जीवनयापन लागत (Cost of Living) में तेज बढ़ोतरी हुई है। AICPI-IW इंडेक्स के आधार पर DA (Dearness Allowance) 59.93% पर पहुंच चुका है, जो जनवरी में 60% तक जा सकता है। संगठन का कहना है कि कम फिटमेंट से कर्मचारियों को नुकसान होगा, खासकर निचले स्तर के कर्मचारियों को।
सरकार की चिंताएं: सरकार का मानना है कि 3.25 फिटमेंट से वित्तीय बोझ बढ़ेगा, जो FY2028 तक 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है। ICRA की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग की सिफारिशें 15-18 महीनों में आएंगी, यानी मध्य 2027 तक। तब तक DA में बढ़ोतरी से अंतरिम राहत मिलेगी, लेकिन उच्च फिटमेंट से बजट असंतुलन हो सकता है।
पिछले आयोगों का पैटर्न: 6वीं आयोग में फिटमेंट 1.86 था, 7वीं में 2.57। अब 3.25 की मांग से बहस तेज हुई है, क्योंकि इससे पेंशन भी प्रभावित होगी। पेंशनधारकों की संख्या 68 लाख है, और नई सिफारिशें OROP (One Rank One Pension) को भी प्रभावित कर सकती हैं।
सैलरी कैलकुलेशन: विभिन्न फिटमेंट फैक्टर के आधार पर
मान लीजिए मौजूदा बेसिक सैलरी पर फिटमेंट लागू होता है। नीचे दिए टेबल में पे लेवल 1 से 13 तक के लिए अनुमानित नई सैलरी दिखाई गई है। ये कैलकुलेशन AICPI इंडेक्स और DA मर्जर पर आधारित हैं, जहां DA को बेसिक में मर्ज कर फिटमेंट लगाया जाता है।
| पे लेवल | मौजूदा बेसिक सैलरी (रुपये) | फिटमेंट 2.15 के साथ नई सैलरी (रुपये) | फिटमेंट 2.57 के साथ नई सैलरी (रुपये) | फिटमेंट 2.86 के साथ नई सैलरी (रुपये) | फिटमेंट 3.25 के साथ नई सैलरी (रुपये) | संभावित बढ़ोतरी (%) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| Level 1 (Group D) | 18,000 | 38,700 | 46,260 | 51,480 | 58,500 | 115-225 |
| Level 2 | 19,900 | 42,785 | 51,163 | 56,914 | 64,675 | 115-225 |
| Level 3 | 21,700 | 46,655 | 55,789 | 62,062 | 70,525 | 115-225 |
| Level 4 | 25,500 | 54,825 | 65,535 | 72,930 | 82,875 | 115-225 |
| Level 5 | 29,200 | 62,780 | 75,044 | 83,512 | 94,900 | 115-225 |
| Level 6 | 35,400 | 76,110 | 90,978 | 101,244 | 115,050 | 115-225 |
| Level 7 | 44,900 | 96,535 | 115,393 | 128,414 | 145,925 | 115-225 |
| Level 8 | 47,600 | 102,340 | 122,332 | 136,136 | 154,700 | 115-225 |
| Level 9 | 53,100 | 114,165 | 136,467 | 151,866 | 172,575 | 115-225 |
| Level 10 | 56,100 | 120,615 | 144,177 | 160,446 | 182,325 | 115-225 |
| Level 11 | 67,700 | 145,555 | 173,989 | 193,582 | 220,025 | 115-225 |
| Level 12 | 78,800 | 169,420 | 202,516 | 225,368 | 256,100 | 115-225 |
| Level 13 | 1,23,100 | 2,64,665 | 3,16,407 | 3,52,066 | 4,00,075 | 115-225 |
(नोट: ये अनुमानित आंकड़े हैं। वास्तविक सैलरी HRA, TA और अन्य भत्तों पर निर्भर करेगी। फिटमेंट 3.25 पर अगर लागू हुआ तो Level 1 पर सैलरी 18,000 से 58,500 रुपये हो जाएगी, यानी 225% बढ़ोतरी।)
DA और इंक्रीमेंट का प्रभाव
DA目前 59.93% है, जो दिसंबर AICPI डेटा के बाद 60% तक पहुंच सकता है। 8वीं आयोग में DA को बेसिक में मर्ज करने की संभावना है, जिससे फिटमेंट का असर बढ़ेगा। वार्षिक इंक्रीमेंट 5% होने पर हर साल सैलरी में अतिरिक्त बढ़ोतरी होगी। उदाहरण: Level 1 पर 5% इंक्रीमेंट से सालाना 2,925 रुपये की बढ़ोतरी (3.25 फिटमेंट के बाद)।
पेंशन पर असर
पेंशनधारकों के लिए न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये से बढ़कर 29,250 रुपये (3.25 फिटमेंट पर) हो सकती है। OROP स्कीम के तहत सैन्य पेंशनर्स को अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। अगर देरी हुई तो एरियर (Arrears) जनवरी 2026 से दिए जाएंगे, जो लाखों रुपये तक हो सकते हैं।
कर्मचारी संगठनों की बैठकें और आगे का रोडमैप
NCJCM की 25 फरवरी को बैठक होने वाली है, जहां विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सुझाव लिए जाएंगे। उसके बाद अंतिम मांगें आयोग को भेजी जाएंगी। सरकार ने ToR (Terms of Reference) में सैलरी, पेंशन और भत्तों की समीक्षा शामिल की है। ICRA रिपोर्ट के अनुसार, FY2028 तक वित्तीय प्रभाव दिखेगा, लेकिन कर्मचारियों को अंतरिम DA से राहत मिलेगी।
संभावित चुनौतियां
देरी का खतरा: सिफारिशें 15-18 महीनों में आएंगी, जिससे 2026 में कोई तत्काल बदलाव नहीं होगा।
वित्तीय प्रभाव: उच्च फिटमेंट से बजट पर दबाव, खासकर पोस्ट-COVID रिकवरी में।
राज्यों का प्रभाव: कई राज्य केंद्र की सिफारिशें अपनाते हैं, जिससे 1 करोड़ से ज्यादा राज्य कर्मचारियों पर असर पड़ेगा।
कैलकुलेशन की स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
मौजूदा बेसिक सैलरी लें (उदा. 18,000)।
DA (60%) जोड़ें: 18,000 x 1.60 = 28,800; कुल 46,800।
फिटमेंट लागू करें: 46,800 x 3.25 = 1,52,100 (लेकिन DA मर्जर के बाद फिटमेंट बेसिक पर लगता है)।
नई मैट्रिक्स में फिट: न्यूनतम को 58,500 तक राउंड-अप।
इंक्रीमेंट: हर साल 5% पर 2,925 रुपये अतिरिक्त।
यह कैलकुलेशन कर्मचारियों को अपनी सैलरी अनुमानित करने में मदद करेगा, लेकिन आधिकारिक सिफारिशों का इंतजार जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध समाचारों, रिपोर्टों और टिप्स पर आधारित है। आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें।






