“भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 2025 में 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंचा, जिसमें आईफोन जैसे उत्पादों का बड़ा योगदान रहा। सेमीकंडक्टर प्लांट्स के शुरू होने से 2026 में और तेजी की उम्मीद, रोजगार में 25 लाख से ज्यादा लोगों की भागीदारी। स्मार्टफोन निर्यात में 47% की वृद्धि दर्ज, जो चीन की वर्चस्व वाली इंडस्ट्री को चुनौती दे रही है।”
भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जहां कुल निर्यात 4 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गया। यह उपलब्धि मुख्य रूप से स्मार्टफोन और सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स के बढ़ते उत्पादन से आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 11.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा, जबकि निर्यात 3.3 लाख करोड़ रुपये रहा। लेकिन 2025 में यह रफ्तार और तेज हुई, जिसमें आईफोन निर्यात अकेले 2.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
यह आंकड़े चीन के लिए चिंता का विषय बन सकते हैं, क्योंकि भारत अब वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में मजबूत दावेदारी पेश कर रहा है। पहले जहां चीन से आयात पर निर्भरता अधिक थी, अब मेक इन इंडिया के तहत स्थानीय उत्पादन बढ़ने से आयात में कमी आई है। उदाहरण के लिए, स्मार्टफोन निर्यात में 47% की सालाना वृद्धि दर्ज हुई, जो 2025 में 30 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।
प्रमुख क्षेत्रों में वृद्धि
स्मार्टफोन : 2021 से 2025 तक कुल स्मार्टफोन निर्यात 79.03 अरब डॉलर रहा, जिसमें 2025 का योगदान 38% है। Apple iPhones का असेंबली वैल्यू 22 अरब डॉलर तक पहुंचा।
सेमीकंडक्टर : चार नए प्लांट्स 2026 में व्यावसायिक उत्पादन शुरू करेंगे, जो निर्यात को और बूस्ट देंगे।
अन्य कंपोनेंट्स : ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स और मेडिकल डिवाइसेज में 20% से अधिक ग्रोथ, जो PLI स्कीम के तहत समर्थित हैं।
| सेक्टर | 2024 निर्यात (लाख करोड़ रुपये) | 2025 निर्यात (लाख करोड़ रुपये) | वृद्धि (%) |
|---|---|---|---|
| स्मार्टफोन | 1.5 | 2.03 | 47 |
| सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स | 0.8 | 1.2 | 50 |
| कुल इलेक्ट्रॉनिक्स | 3.3 | 4+ | 21 |
यह वृद्धि रोजगार सृजन में भी दिख रही है, जहां इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में 25 लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं। Q1 FY26 में निर्यात 47% बढ़ा, जिसमें मोबाइल फोन ने मुख्य भूमिका निभाई। सितंबर 2025 में स्मार्टफोन निर्यात ने नया रिकॉर्ड बनाया, जो सेक्टर में 1.15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से संभव हुआ।
चीन पर प्रभाव
भारत का यह उछाल चीन की निर्यात डोमिनेंस को सीधे चुनौती दे रहा है। जहां चीन वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स का 60% हिस्सा संभालता है, भारत अब अमेरिका और यूरोप जैसे बाजारों में हिस्सेदारी बढ़ा रहा है। उदाहरण के लिए, अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात में उतार-चढ़ाव के बावजूद कुल वृद्धि सकारात्मक रही। यह ट्रेंड वैश्विक सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन को बढ़ावा दे रहा है, जहां कंपनियां चीन से बाहर विकल्प तलाश रही हैं।
PLI स्कीम के तहत 14 सेक्टरों में निवेश ने उत्पादन को मजबूत किया, जिससे निर्यात में स्थिरता आई। 2026 में सेमीकंडक्टर प्लांट्स के उत्पादन से निर्यात 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जो विदेशी मुद्रा आय को बढ़ाएगा।
Disclaimer: यह लेख समाचार, रिपोर्ट और टिप्स पर आधारित है। इसमें दिए गए आंकड़े और जानकारी विभिन्न स्रोतों से संकलित हैं।






