“क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स जैसे Blinkit और Zepto ने 10 मिनट डिलीवरी क्लेम हटा दिए हैं, सरकारी दबाव और गिग वर्कर्स की हड़ताल के बाद। अब औसत डिलीवरी समय 15-30 मिनट तक बढ़ सकता है, राइडर सेफ्टी पर फोकस के साथ।”
क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव आ रहा है, जहां Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसी कंपनियां 10 मिनट डिलीवरी का दावा छोड़ रही हैं। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया के हस्तक्षेप के बाद ये प्लेटफॉर्म्स राइडर सेफ्टी को प्राथमिकता दे रही हैं। हाल की गिग वर्कर्स हड़ताल में 2 लाख से ज्यादा वर्कर्स ने हिस्सा लिया, जिससे डिलीवरी स्पीड पर सवाल उठे।
अब कंपनियां मार्केटिंग में फिक्स्ड टाइम नहीं बता रही हैं, बल्कि रियल-टाइम ETA दिखा रही हैं। उदाहरण के लिए, Blinkit ने अपनी ऐप से “10 मिनट” स्लोगन हटा दिया, जबकि Zepto अब “फास्ट डिलीवरी” पर जोर दे रही है बिना स्पेसिफिक टाइमलाइन के।
प्रमुख कंपनियों के नए डिलीवरी टाइमलाइन:
| कंपनी | पुराना क्लेम | नया अनुमानित समय | बदलाव का कारण |
|---|---|---|---|
| Blinkit | 10 मिनट | 15-20 मिनट | राइडर सेफ्टी और सरकारी निर्देश |
| Zepto | 10 मिनट | 12-25 मिनट | गिग वर्कर्स प्रोटेस्ट |
| Swiggy Instamart | 10-15 मिनट | 20-30 मिनट | प्लेटफॉर्म फी बढ़ोतरी के साथ |
| Myntra M-Now | नया लॉन्च | 30 मिनट | फैशन आइटम्स के लिए एक्सपैंशन |
ये बदलाव मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे शहरों में सबसे ज्यादा प्रभावी हैं, जहां डार्क स्टोर्स की संख्या बढ़ रही है लेकिन रोड सेफ्टी नियम सख्त हो गए हैं। गिग वर्कर्स अब बेहतर इंश्योरेंस और रेस्ट टाइम की मांग कर रहे हैं, जिससे ऑर्डर प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है।
कस्टमर्स पर असर:
पीक ऑवर्स में डिलीवरी 5-10 मिनट ज्यादा लग सकती है।
प्लेटफॉर्म फी बढ़कर Rs 15 तक पहुंच गई है, जो फेस्टिव सीजन से पहले की गई थी।
सस्टेनेबिलिटी के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है, लेकिन इससे स्पीड कम हो सकती है।
अगर आपका ऑर्डर अब 10 मिनट में नहीं आ रहा, तो ऐप पर ट्रैकिंग चेक करें और फीडबैक दें। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये बदलाव लॉन्ग-टर्म में बेहतर सर्विस देगा, लेकिन शॉर्ट-टर्म में कस्टमर्स को एडजस्ट करना पड़ेगा।
डिस्क्लेमर: यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न सूत्रों पर आधारित है। कोई भी सलाह या टिप्स के लिए विशेषज्ञ से संपर्क करें।






